पटना में आयोजित बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कुल 25 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में कई क्षेत्रों में बड़े फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर किसानों, युवाओं और शहरी विकास पर पड़ेगा।

किसानों को बड़ी राहत, मिल संचालन का रास्ता साफ

कैबिनेट ने सासामुसा शुगर वर्क्स से जुड़े गन्ना किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को स्वीकृति दी है। इस फैसले से किसानों को लंबित राशि मिलने की उम्मीद बढ़ी है, साथ ही चीनी मिल के पुनः संचालन की दिशा में भी कदम आगे बढ़ा है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को 2026-27 से फिर लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को फसल नुकसान की स्थिति में सुरक्षा कवरेज मिल सकेगा।

ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने की नई योजना

बैठक में ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ को मंजूरी दी गई, जिसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और आजीविका को मजबूत करना है।

सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण पर जोर

सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डकरानाला पंप नहर योजना हेतु 251.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। वहीं, सिंधवारणी जलाशय योजना के लिए 196.89 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे नहर प्रणाली और जल भंडारण क्षमता में सुधार होगा।

बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए भी पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है, जिससे आगामी वर्षों में सुरक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी।

शहरी विकास परियोजनाओं को मंजूरी

बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में सीवरेज और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इन योजनाओं की लागत 100 करोड़ से 375 करोड़ रुपये के बीच है। इनसे शहरों में स्वच्छता, जल आपूर्ति और पर्यावरणीय स्थिति में सुधार होगा।

शिक्षा और तकनीक में निवेश

आईआईटी पटना में रिसर्च पार्क और नए हॉस्टल के निर्माण को मंजूरी मिली है, जिससे उच्च शिक्षा और शोध को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही ई-प्रोक्योरमेंट 2.0 और BIHAR SNA-SPARSH सिस्टम के लिए बजट स्वीकृत किया गया है, जिससे सरकारी खरीद और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया गया

सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मई, जून और जुलाई 2026 की अग्रिम राशि के रूप में 3,662 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे लाखों लाभार्थियों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

निवेश और प्रशासनिक सुधार

वाणिज्य-कर विभाग, ई-स्टाम्प नियमावली और निजी नर्सिंग होम नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल और प्रभावी होंगी।

साथ ही निवेश प्रोत्साहन बोर्ड को अधिक अधिकार देने का निर्णय लिया गया है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश की प्रक्रिया तेज होने और निवेश माहौल बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।