जमुई में शनिवार रात हुए बड़े रेल हादसे का असर सोमवार को भी यात्रियों पर दिखाई दिया। जसीडीह-झाझा रेलखंड पर पटरी सुधार और डिरेल मालगाड़ी के डिब्बे हटाने का काम रातभर चला, लेकिन दूसरे दिन भी इस मार्ग पर सामान्य रेल परिचालन शुरू नहीं हो सका। इसका सीधा असर जसीडीह जंक्शन से दिल्ली और किउल जंक्शन से हावड़ा जाने वाली ट्रेनों पर पड़ा। कई यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा, जबकि कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट करना पड़ा। हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को पटना के रास्ते और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को आसनसोल होते हुए भेजा जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, सोमवार को कुल 17 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया और 13 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। डायवर्ट की गई ट्रेनों में धनबाद-पटना इंटरसिटी, हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा और दुरंतो एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस, कोलकाता-गोरखपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस, जसीडीह-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस, आसनसोल-मुंबई सीएसएमटी एक्सप्रेस, रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस और कई अन्य शामिल हैं। वहीं स्थानीय पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया गया।

रविवार को भी सुरक्षा कारणों से कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया गया था। जैसे, मुजफ्फरपुर-हावड़ा बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल किया गया और ट्रेन को बरौनी से डायवर्ट किया गया। इसी तरह, हावड़ा-मुजफ्फरपुर आने वाली बाघ एक्सप्रेस को अंडाल से किउल के बीच रद्द किया गया। जसीडीह स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्री पूरी रात फंसे रहे।

हादसा कैसे हुआ
यह हादसा शनिवार रात लगभग 11.25 बजे जसीडीह-झाझा रेलखंड के टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बरुआ नदी पुल के पास हुआ। आसनसोल से झाझा जा रही सीमेंट से लदी अपलाइन मालगाड़ी पटरी में दरार के कारण डिरेल हो गई। मालगाड़ी के 19 डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से 10 डिब्बे पुल पर पलट गए और 9 डिब्बे नीचे नदी में जा गिरे। ट्रेन पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी जा रही थी। गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार ने बताया कि पुल पर चढ़ते ही डिब्बे एक-एक कर डिरेल हो गए। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि रेलवे ब्रिज के उस हिस्से में जहां ट्रैक का जोड़ था, पहले से दरार थी। भारी सीमेंट लदी मालगाड़ी उस हिस्से से गुजरते समय पटरी का बोझ सहन नहीं कर सकी और अपलाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद डिब्बों को हटाने के लिए भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत और डिब्बे हटाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन सोमवार शाम तक भी रेल परिचालन प्रभावित रहने की संभावना है।