पटना: पूर्णिया से सांसद और बिहार के चर्चित नेता पप्पू यादव को मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट से आंशिक राहत मिली है। कोर्ट ने 31 साल पुराने एक मामले में उन्हें जमानत दे दी, लेकिन दो अन्य मामलों में उनकी न्यायिक हिरासत अभी बरकरार रहेगी। इसका मतलब है कि जमानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव फिलहाल जेल में ही रहेंगे।
जमानत और हिरासत की स्थिति
सुनवाई पटना सिविल कोर्ट के ACJM-1 कोर्ट में हुई। अदालत ने पुराने मामले में जमानत दी, लेकिन बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े मामलों को गंभीर मानते हुए अगली सुनवाई तक उनकी हिरासत बनाए रखने का आदेश दिया।
पप्पू यादव के लिए राहत
बुद्धा कॉलोनी थाना से जुड़े मामले में आरोप था कि गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस के काम में बाधा डाली। पुलिस ने इस मामले में रिमांड की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। इसे पप्पू यादव के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
अगली सुनवाई बुधवार को
कोतवाली थाना से जुड़े मामले (कांड संख्या 279/17) में उनके वकील ने प्रोडक्शन की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई बुधवार के लिए तय कर दी।
कोर्ट में भावुक पल
सुनवाई के दौरान पप्पू यादव ने पटना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रखा और कोर्ट में फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि उनके साथ गलत व्यवहार किया गया।
31 साल पुराने मामले में राहत
कोर्ट ने पुराने मामले में पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी। इसके बावजूद, बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े मामले अब भी कोर्ट में विचाराधीन हैं, इसलिए पप्पू यादव की रिहाई फिलहाल संभव नहीं है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है।