समस्तीपुर। राज्य सरकार के सात-निश्चय कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समस्तीपुर पुलिस ने भी अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। अब जिले के सभी पुलिस थानों और कार्यालयों में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को जनता दरबार आयोजित किया जाएगा। इसमें आने वाले फरियादियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

यह जानकारी गुरुवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस कार्यप्रणाली में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुसंधान, गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी केवल थानाध्यक्ष तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इससे जुड़े सभी पदाधिकारी सामूहिक रूप से जवाबदेह होंगे।

एसपी ने सभी थानों में तैनात सेक्टर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी चूक की जिम्मेदारी सिर्फ थाना प्रभारी पर नहीं डाली जाएगी, बल्कि संबंधित सभी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

लंबित मामलों को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने 90 से अधिक पुलिस अधिकारियों के वेतन पर तत्काल रोक लगा दी है, जिनमें कुछ थानाध्यक्ष भी शामिल हैं। बैठक के दौरान मुसरीघरारी और ताजपुर थाना प्रभारी के कार्यों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें कड़ी फटकार भी लगाई गई।

एसपी ने कहा कि थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र की हर गतिविधि की जानकारी होनी चाहिए। किसी घटना की जानकारी कई दिन बाद मिलना पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने का निर्देश दिया।

अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए एसपी ने शराब तस्करी, अवैध कारोबार और भूमि विवाद से जुड़े मामलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई हो और आरोपियों की गिरफ्तारी में कोई ढिलाई न बरती जाए। ठंड के मौसम को देखते हुए नियमित रात्रि गश्त पर भी जोर दिया गया।

बैठक में सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय, मुख्यालय डीएसपी केके दिवाकर, यातायात डीएसपी आशीष राज, सदर टू डीएसपी संजय कुमार, नगर थानाध्यक्ष अजित कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजित प्रसाद सिंह सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

भौगोलिक स्थिति और नए थाना प्रस्ताव पर चर्चा
बैठक में थाना क्षेत्रों और पुलिस अंचलों की भौगोलिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बड़े क्षेत्र वाले थानों में पुलिस नाका स्थापित करने की योजना पर विचार किया गया। विभूतिपुर, हसनपुर, उजियारपुर, कल्याणपुर, पूसा, ताजपुर सहित कई इलाकों में नाका निर्माण को लेकर मंथन हुआ।

जिले में निर्माणाधीन फोरलेन सड़कों को ध्यान में रखते हुए संबंधित क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता पहले से बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके साथ ही आने वाले समय में जिले के विभिन्न इलाकों में नए थानों की स्थापना और मौजूदा पुलिस अंचलों के पुनर्गठन का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजने की तैयारी की जा रही है।

रोसड़ा अनुमंडल के विस्तृत क्षेत्र को देखते हुए उसे विभाजित करने पर भी चर्चा हुई, ताकि कानून-व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभाला जा सके और पुलिस कार्यों का निष्पादन तेज हो सके।