छत्तीसगढ़ में जगद्गुरु रामभद्राचार्य और बागेश्वर धाम सरकार पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दोनों धार्मिक हस्तियों पर तीखा हमला बोला है।

भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि यदि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री “पर्ची देखकर सब कुछ बता सकते हैं”, तो उन्हें अपने गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य के निर्देश लेकर देश में पेट्रोल और डीजल के दाम भी कम कराने चाहिए। उन्होंने यह टिप्पणी धार्मिक और राजनीतिक दोनों संदर्भों को जोड़ते हुए की।

सोशल मीडिया पर तीखा वार

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रामभद्राचार्य गौ-भक्ति और रामभक्ति की बात करते हैं, तो फिर केंद्र सरकार में गौ-मांस संबंधी मुद्दों से जुड़े मंत्री को लेकर उनकी क्या राय है। बघेल ने यह भी कहा कि यदि धीरेंद्र शास्त्री भविष्य या घटनाओं की जानकारी देने का दावा करते हैं, तो उन्हें देश की आर्थिक समस्याओं पर भी समाधान देना चाहिए।

उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंतरराष्ट्रीय राजनीति का जिक्र करते हुए कटाक्ष किया और कई राजनीतिक निर्णयों पर सवाल खड़े किए।

आरएसएस पर भी साधा निशाना

भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके प्रमुख मोहन भागवत पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि संगठन खुद को धर्म का सबसे बड़ा प्रतिनिधि मानने लगा है, जबकि यह तय करने का आधार स्पष्ट नहीं है कि धार्मिक नेतृत्व किसके पास होना चाहिए।

बघेल ने यह भी कहा कि कई संतों के संस्कृत ज्ञान पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में कई बड़े पदों पर बैठे लोग स्वयं संस्कृत या धार्मिक श्लोकों का उपयोग नहीं करते। उन्होंने अयोध्या में हुए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ प्रमुख संतों को वहां आमंत्रित नहीं किया गया था।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी दोनों संतों पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि वह रामभद्राचार्य को जगद्गुरु नहीं मानते और उनके आयोजनों में शामिल नहीं होंगे।

महंत ने आरोप लगाया था कि कुछ धार्मिक प्रवचन राजनीतिक प्रचार का माध्यम बन गए हैं और लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार पर भी सवाल उठाते हुए ऐसे आयोजनों से दूरी बनाने की बात कही थी।