धमतरी जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को कुल 9 नक्सलियों ने अपने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया। यह कार्यक्रम रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा की मौजूदगी में संपन्न हुआ। आत्मसमर्पित नक्सलियों ने हिंसक रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत
आईजी अमरेश मिश्रा ने ताली बजाकर नक्सलियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सलियों को नए जीवन की शुरुआत करने का अवसर दे रही है, और इसी वजह से लगातार नक्सली अपने हथियार छोड़ रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें दो महिला नक्सली 8-8 लाख की इनामी और एक पुरुष नक्सली 5 लाख रुपये का इनामी था। अन्य नक्सली भी विभिन्न मामलों में वांछित थे।

भौगोलिक और कैडर विवरण
आत्मसमर्पण करने वालों में धमतरी-नुआपड़ा क्षेत्र से 5 और आंध्र प्रदेश से जुड़े 4 नक्सली शामिल हैं। इनमें डिविजनल कमेटी के कई वरिष्ठ सदस्य भी हैं, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के नाम हैं: ज्योति उर्फ जैनी, उषा उर्फ बलमा, रामदास उर्फ आयता, रोनी उर्फ उमा, निरंजन उर्फ पोदिया, सिंधु उर्फ सोमडी, रीना उर्फ चिरो, अमाली उर्फ सन्नी और लक्ष्मी पुनेम उर्फ आरती।

रायपुर संभाग हुआ नक्सल मुक्त
इन नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ ही रायपुर संभाग को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है। पुलिस और सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास, सुरक्षा और रोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवन देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।