नई दिल्ली। सैदुलाजाब इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद आसपास की एक अन्य पांच मंजिला इमारत भी गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। यह इमारत एक तरफ झुक गई है और उसकी दीवारों में कई जगह बड़ी दरारें दिखाई दी हैं। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने उसे तुरंत खाली करा लिया है।

हादसे के बाद गिरी हुई इमारत का मलबा लंबे समय तक हटाया नहीं जा सका, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसके नीचे कुछ लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव दल लगातार मौके पर मौजूद है और सर्च ऑपरेशन जारी है।

15 घंटे बाद मौके पर पहुंची भारी क्रेन

घटना के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था, लेकिन शुरुआती दौर में भारी मशीनरी की कमी के कारण राहत कार्य धीमी गति से चलता रहा। करीब 15 घंटे बाद मौके पर दो बड़ी क्रेन पहुंचाई गईं, जिसके बाद मलबा हटाने का काम तेज किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होते, तो मलबे में फंसे कुछ लोगों को बचाया जा सकता था।

18 घंटे बाद मिला पार्वती देवी का शव

हादसे में जान गंवाने वाली पार्वती देवी की बेटी नीलम ने बताया कि देर रात करीब 12:30 बजे तक मलबे के नीचे से उनकी मां की आवाजें आ रही थीं, वह मदद के लिए पुकार रही थीं। हालांकि पर्याप्त उपकरण न होने के कारण राहत कार्य में देरी हुई।

करीब 18 घंटे से अधिक समय बाद पार्वती देवी का शव मलबे से बाहर निकाला गया। उनकी पहचान उनकी बेटी नीलम ने की।

इमारत का उपयोग और हादसे का असर

यह पांच मंजिला इमारत लगभग 400 वर्ग गज में बनी हुई थी और गली नंबर 5 में स्थित थी। यह अराइज कोचिंग सेंटर और एक कैंटीन के बीच में थी। कैंटीन की संरचना आंशिक रूप से टीन शेड और पक्के कमरे से बनी थी।

हादसे के समय आसपास मौजूद लोग, जिनमें कुछ छात्र भी शामिल थे, वहां खाना खा रहे थे। इमारत का मलबा सीधे कैंटीन की छत पर गिरा, जिससे वहां मौजूद कई लोग दब गए।

घायलों की सूची

इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें क्षितिज प्रताप, नीलम यादव, अनुज दीक्षित, तरुण, साइका खान, आस्था, आदित्य शर्मा और विशाल शामिल हैं।