अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में निर्माण श्रमिकों को सुरक्षा किट वितरित की गई, वहीं श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जुड़ी किट देकर प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक व्यापक कौशल विकास अभियान की शुरुआत भी की, जिसके तहत हर साल करीब 35,000 श्रमिकों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि श्रमिक देश के विकास की रीढ़ हैं और उनके सशक्तिकरण के बिना प्रगति संभव नहीं है।
रेखा गुप्ता ने अपने संदेश में श्रमिकों के योगदान को सराहते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्माण श्रमिकों के लिए पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
इसके अलावा, श्रमिकों के कल्याण के लिए “सामूहिक विवाह योजना” लागू की जाएगी और आधुनिक लेबर चौक व “श्रमिक सेवा केंद्र” स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए श्रमिकों को जरूरी सेवाएं सीधे उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनकी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें।