हरियाणा के बादली क्षेत्र से गुजरने वाली एनसीआर माइनर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें डूबने से एक महिला और एक नाबालिग लड़की की मौत हो गई। दोनों उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं और इलाके के एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करती थीं।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव बहरद (अलीगढ़) निवासी कमलेश पत्नी सुभाष और खेड़िया (कासगंज) निवासी 17 वर्षीय शालू अन्य महिला श्रमिकों के साथ एनसीआर माइनर पर नहाने और कपड़े धोने के लिए पहुंची थीं।

बताया जा रहा है कि कपड़े धोने के बाद जब दोनों पानी में नहाने के लिए उतरीं, तभी गहराई का अंदाजा न लगने के कारण उनका पैर फिसल गया और वे तेज बहाव में बहने लगीं। दोनों को तैरना नहीं आता था, जिसके चलते वे बाहर नहीं निकल सकीं और मदद के लिए चीखती रहीं।

मौके पर मौजूद अन्य महिला श्रमिकों ने शोर मचाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों पानी में डूब चुकी थीं। घटना के बाद आसपास के किसान भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। करीब आधे घंटे बाद कमलेश का शव घटनास्थल से लगभग 20 मीटर दूर मिला, जबकि शालू का शव करीब दो घंटे की तलाश के बाद लगभग 50 मीटर की दूरी पर बरामद किया गया।

स्थानीय ग्रामीणों और श्रमिकों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला गया, जबकि पुलिसकर्मियों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। बाद में दोनों शवों को बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।