राजस्थान की बहुचर्चित एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के डिपो मैनेजर लोकेंद्र पंडया को गिरफ्तार किया है। आरोपी को डूंगरपुर जिले के वरदा गांव स्थित उसके आवास से पकड़ा गया, जिसके बाद अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में बड़ा खुलासा सामने आया है। आरोप है कि लोकेंद्र पंडया के भाई कुंदन कुमार पंडया ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा से लगभग 50 लाख रुपये में एसआई भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था। इसके बाद कथित रूप से इस पेपर का उपयोग अपने परिवार के सदस्यों की तैयारी कराने में किया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि लोकेंद्र पंडया ने अपने बेटे नैतिक, बेटी नेहा और भतीजी रिद्धि को परीक्षा से पहले इन्हीं प्रश्नपत्रों के आधार पर विशेष तैयारी करवाई थी। इसके बाद वह खुद उन्हें अपनी गाड़ी से जयपुर परीक्षा केंद्र तक लेकर गया था। लिखित परीक्षा में तीनों अभ्यर्थियों ने अच्छे अंक हासिल किए थे। नैतिक को हिंदी में 143.33 और सामान्य ज्ञान में 147.20 अंक मिले, जबकि नेहा ने हिंदी में 158.89 और सामान्य ज्ञान में 153.46 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि, तीनों फिजिकल टेस्ट में सफल नहीं हो सके। बाद में जांच आगे बढ़ने पर जुलाई 2025 में इन अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, कुंदन कुमार पंडया सरकारी स्कूल में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2021 में वह बाबूलाल कटारा के संपर्क में आया था। बताया जाता है कि अस्थमा की हर्बल दवाओं के बहाने वह कटारा के घर पहुंचा, जहां कथित रूप से पैसों से भरा लिफाफा दिया गया और बाद में परीक्षा के पेपर उपलब्ध कराए गए।

एसओजी अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए अन्य संभावित आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है।

इस मामले में अब तक कुल 142 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो इसे राजस्थान की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सबसे बड़े पेपर लीक मामलों में से एक बनाता है। सरकार ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द कर दिया है और इसे दोबारा 20 सितंबर को आयोजित करने की घोषणा की गई है।