दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर एक के बाद एक नेताओं का अदालत में पेश न होने का रुख सामने आ रहा है। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बाद अब पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता ने भी इसी दिशा में कदम उठाया है।
पूर्व विधायक और आप नेता दुर्गेश पाठक ने दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में अदालत में उपस्थित नहीं हो पाएंगे। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के साथ खड़े हैं और इसी वजह से वे इस केस में व्यक्तिगत रूप से पेश होने में असमर्थ हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि उनकी ओर से कोई वकील भी अदालत में पैरवी नहीं करेगा।
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र भेजकर बताया था कि वह आबकारी नीति से जुड़े मामले में अब अदालत में आगे पेश नहीं होंगे। वहीं, सोमवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इसी अदालत में न तो स्वयं और न ही किसी वकील के माध्यम से पेश होने का निर्णय सार्वजनिक किया था।