नई दिल्ली। दिल्ली के पुनर्गठित राजस्व जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपराज्यपाल ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने नए जिलों में तैनात जिलाधिकारी, अतिरिक्त जिलाधिकारी, राजस्व सहायक, तहसीलदार और चकबंदी अधिकारियों को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से इन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक निर्णय तेजी से लेने की अधिक शक्ति मिलेगी।
राजस्व विभाग द्वारा 25 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के तहत दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया गया था। इसके तहत जिलों की संख्या 11 से बढ़ाकर 13 कर दी गई। इस पुनर्गठन में ओल्ड दिल्ली, सेंट्रल नॉर्थ और आउटर नॉर्थ जैसे तीन नए जिले बनाए गए, जबकि शाहदरा जिले को समाप्त कर उसे शाहदरा उत्तर और शाहदरा दक्षिण में विभाजित किया गया। इसके साथ ही उप-मंडलों की संख्या भी 33 से बढ़कर 39 हो गई। नई व्यवस्था को एमसीडी के 12 जोनों, एनडीएमसी और दिल्ली कैंट के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे कई क्षेत्रों का प्रशासनिक पुनर्संयोजन भी हुआ।
इस नई संरचना के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों को मजिस्ट्रियल शक्तियां देना आवश्यक माना गया था। एलजी की मंजूरी के बाद अब नए जिलों में तैनात अधिकारी अपने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।
जनता को मिलेगा त्वरित प्रशासनिक लाभ
इस निर्णय से आम लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर ही अधिकारियों को स्पष्ट अधिकार मिलने से सरकारी कार्यों में होने वाली देरी कम होगी और नागरिकों को छोटे-छोटे मामलों के लिए बड़े कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे जन शिकायतों के निपटारे की गति भी बढ़ेगी।
BNSS की धारा 14 के तहत लिया गया फैसला
यह पूरा निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 14 के तहत लिया गया है, जिसके अंतर्गत सरकार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त है। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद दिल्ली में यह अधिकार उपराज्यपाल के अधीन आता है।
मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की सहमति के बाद मंजूरी
सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव को एलजी के पास भेजने से पहले मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की सहमति मिल चुकी थी। उनकी सिफारिश के बाद अब उपराज्यपाल ने इसे मंजूरी दी है। जल्द ही औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद नए जिलों का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा।