मुजफ्फरनगर। कच्ची सड़क पुलिस चौकी के बाहर रविवार दोपहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब नाले से मिले एक युवक के शव को लेकर परिजनों ने हंगामा करते हुए सड़क पर जाम लगाने की कोशिश की। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव सौंपने की मांग पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम जरूरी है।

पूरा मामला शनिवार शाम का है, जब सहारनपुर बस अड्डे के पास एक नाले से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान मुजफ्फरनगर की फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी संजय कश्यप (पुत्र अतर सिंह) के रूप में हुई।


पहचान सामने आने के बाद परिजन कच्ची सड़क चौकी पहुंचे और शव को बिना पोस्टमार्टम के सौंपने की मांग करने लगे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि मृत्यु के कारणों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम अनिवार्य है, लेकिन परिजन नहीं माने।

इसके बाद परिजनों ने चौकी के बाहर मुख्य मार्ग पर लेटकर विरोध शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।


इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि संजय का अपने मोहल्ले के एक व्यक्ति से विवाद चल रहा था और उसी के कारण उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंका गया है। हालांकि, गंभीर आरोप लगाने के बावजूद परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते रहे, जिससे स्थिति उलझी रही।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना पोस्टमार्टम के मौत का सही कारण स्पष्ट नहीं हो सकता और न ही किसी भी आरोप की पुष्टि की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने परिजनों को समझाकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है और पूरे मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है।