नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हवा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। चार दिन तक ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहने के बाद शनिवार को वायु गुणवत्ता सीधे ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच गई। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप (GRAP) के स्टेज-4 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

रविवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 437 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक माना जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में स्थिति और भी चिंताजनक रही। आनंद विहार में एक्यूआई 491, बवाना में 473, मुंडका में 485, पंजाबी बाग में 476, रोहिणी में 484 और वजीरपुर में 481 दर्ज किया गया। वहीं अशोक विहार में 468, बुराड़ी में 465, चांदनी चौक में 465 और द्वारका सेक्टर-8 में 467 एक्यूआई रिकॉर्ड हुआ।

आईटीओ में 450, डीटीयू क्षेत्र में 448, आरकेपुरम में 468, सोनिया विहार में 475 और नरेला में 417 एक्यूआई रहा, जबकि अपेक्षाकृत कम प्रदूषित माने जाने वाले लोधी रोड पर भी एक्यूआई 414 तक पहुंच गया।

प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए आयोग ने 21 नवंबर 2025 के आदेश के तहत ग्रेप-4 की सभी सख्त पाबंदियां लागू करने का निर्णय लिया। शनिवार शाम चार बजे जहां एक्यूआई 400 के आसपास था, वहीं रात आठ बजे यह 428 तक पहुंच गया और रविवार सुबह बढ़कर 437 हो गया। मौसम विभाग (IMD) और आईआईटीएम के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

इसके तहत अब दिल्ली में बीएस-IV श्रेणी के ट्रकों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति से जुड़े ट्रक, आपात सेवाओं के वाहन और सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक तथा बीएस-VI डीजल ट्रकों को छूट दी गई है। इसके अलावा, 1 नवंबर 2025 से दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-III और उससे पुराने डीजल मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध पहले से ही लागू है, भले ही वे आवश्यक सेवाओं से जुड़े हों।

आयोग ने सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रेप के स्टेज-1 से स्टेज-4 तक के सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। साथ ही, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे प्रदूषण कम करने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

वायु गुणवत्ता सूचकांक का अर्थ
एक्यूआई 0 से 50 के बीच हो तो हवा को साफ माना जाता है। 51 से 100 के बीच स्तर संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब और 301 से 400 बेहद खराब श्रेणी को दर्शाता है। जब एक्यूआई 401 से 500 के बीच पहुंच जाता है, तो हवा ‘गंभीर’ स्थिति में होती है, जो खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।