दिल्ली के सैदुलाजाब में हाल ही में इमारत गिरने की घटना के बाद उपराज्यपाल ने नगर निगम (MCD) के कामकाज पर सख्त रुख अपनाया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एलजी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और शहर में अवैध निर्माण, भवन सुरक्षा तथा सफाई व्यवस्था की स्थिति पर विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि नियमों की अनदेखी और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि दिल्ली को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी एजेंसियों को ठोस परिणाम दिखाने होंगे।
अवैध निर्माण पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
एलजी ने भवन उपनियमों के पालन की समीक्षा करते हुए अवैध निर्माण और अनधिकृत विस्तार पर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, इसलिए जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
मानसून से पहले तैयारी पूरी करने का आदेश
बैठक में मानसून को ध्यान में रखते हुए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनों की सफाई और डी-सिल्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से पहले सभी प्रमुख नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए, ताकि जलभराव जैसी समस्या से बचा जा सके।
सफाई और सड़क व्यवस्था पर नाराजगी
सड़कों, फुटपाथों और शहर की सफाई व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। एलजी ने धूल प्रदूषण कम करने के लिए सड़क और फुटपाथ मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ कचरा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।
पीएम-उदय और पार्क विकास की समीक्षा
बैठक में पीएम-उदय योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही सार्वजनिक पार्कों के विकास और रखरखाव के लिए CSR आधारित मॉडल को जल्द लागू करने पर जोर दिया गया।
उपराज्यपाल के प्रमुख निर्देश
- अवैध निर्माण पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई
- भवन उपनियमों का सख्ती से पालन
- मानसून से पहले नालों की पूरी सफाई
- सड़क और फुटपाथ मरम्मत में तेजी
- कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना
- पीएम-उदय योजना का तेज़ कार्यान्वयन
- पार्क विकास के लिए CSR मॉडल लागू करना