दिल्ली की आबोहवा बुधवार सुबह बेहद खराब हालात में दर्ज की गई। सुबह करीब सात बजे राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया, जिससे हवा रेड जोन में चली गई। शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 350 से ऊपर मापा गया, जिसे स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर के बीच देश के कई हिस्सों में घने कोहरे ने भी जनजीवन को प्रभावित किया। बुधवार तड़के अनेक हवाई अड्डों पर दृश्यता शून्य या बेहद कम दर्ज की गई, जिससे उड़ानों के संचालन में परेशानी आई। हालांकि दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का असर सीमित रहा, लेकिन मौसम विशेषज्ञों के अनुसार कोहरा प्रदूषक कणों को वातावरण में फंसा देता है, जिससे हवा की गुणवत्ता और ज्यादा समय तक खराब बनी रहती है।
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाके गंभीर श्रेणी में
राजधानी के नेहरू नगर, आनंद विहार, चांदनी चौक, ओखला फेज-2, जहांगीरपुरी, पूसा, आरके पुरम और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में AQI ‘बहुत खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच गया। कुछ स्थानों पर हवा की गुणवत्ता रेड जोन में दर्ज की गई, जबकि बवाना जैसे इलाकों में स्थिति अपेक्षाकृत मध्यम रही। कुल मिलाकर दिल्ली के अधिकतर एयर मॉनिटरिंग स्टेशन Very Poor और Red Zone में दर्ज किए गए।
देशभर में कोहरे का व्यापक असर
मौसम विभाग के अनुसार आगरा, तेजपुर और भटिंडा जैसे शहरों में अत्यंत घना कोहरा देखने को मिला, जहां दृश्यता शून्य रही। अमृतसर, जयपुर और कोलकाता में भी घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई। वहीं दिल्ली के पालम और सफदरजंग इलाकों में हल्का कोहरा रहा, जहां दृश्यता करीब 800 मीटर तक रही।
स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर की प्रदूषित हवा से आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्थमा, फेफड़े और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति खासतौर पर जोखिम भरी मानी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।