नई दिल्ली में इस साल अप्रैल के दौरान वायु गुणवत्ता में पिछले वर्षों की तुलना में कुछ सुधार दर्ज किया गया है। 30 अप्रैल तक शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 179 रहा, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इस अवधि में एक दिन हवा ‘संतोषजनक’, 19 दिन ‘मध्यम’ और 10 दिन ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।

पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 में औसत AQI 210 था, जिसमें कई दिन हवा खराब श्रेणी में रही थी। वहीं 2024 में यह 182, 2023 में 180 और 2022 में 255 दर्ज किया गया था, जो उस वर्ष अधिक प्रदूषण स्तर को दर्शाता है।

मौसमीय कारणों से मिली राहत

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल प्रदूषण में आई कमी का मुख्य कारण समय से पहले हुई बारिश और तेज हवाएं रही हैं। मार्च से अप्रैल के बीच हुई प्री-मानसून बारिश ने तापमान को नियंत्रित रखने के साथ-साथ हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को भी काफी हद तक कम किया।

गुरुवार को भी सुधार दर्ज

गुरुवार को दिल्ली में AQI 148 रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 35 अंकों की गिरावट दिखाता है। हालांकि, एनसीआर के अन्य शहरों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग रहा। ग्रेटर नोएडा में AQI 204, गाजियाबाद में 212, नोएडा में 184 और गुरुग्राम में 128 दर्ज किया गया। फरीदाबाद में हवा अपेक्षाकृत साफ रही, जहां AQI 124 रहा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, उस दिन हवा पूर्व दिशा से लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। साथ ही, वेंटिलेशन और मौसमीय परिस्थितियां भी अपेक्षाकृत अनुकूल रहीं।

प्रदूषण कणों का स्तर

दोपहर तीन बजे के आसपास पीएम10 का स्तर 161.7 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम2.5 का स्तर 65 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी कुछ दिनों तक वायु गुणवत्ता इसी श्रेणी में बनी रह सकती है।