नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शनिवार (11 अप्रैल 2026) को सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी किया, जिसका उद्देश्य ई-मोबिलिटी को तेज करना और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।
यह नीति 2026 से 2030 तक लागू रहेगी और इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह पॉलिसी अधिसूचना जारी होते ही प्रभावी हो जाएगी।
कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने का एक प्रमुख कारण वाहन उत्सर्जन है, जो सर्दियों के दौरान लगभग 23 प्रतिशत तक योगदान देता है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भी सौंपी गई है।
दिल्ली में मौजूदा समय में करीब 67 प्रतिशत वाहन दोपहिया हैं, ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से शिफ्ट होना बेहद जरूरी माना जा रहा है। इसके अलावा थ्री-व्हीलर, कमर्शियल कारें और मालवाहक वाहन भी शहरी प्रदूषण में अहम भूमिका निभाते हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना है।
नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सब्सिडी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार, बैटरी रीसाइक्लिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़े स्पष्ट नियमों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
खरीद प्रोत्साहन (ड्राफ्ट के अनुसार)
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर
- अधिकतम कीमत सीमा: ₹2.25 लाख
- वर्ष 1: ₹10,000/kWh (अधिकतम ₹30,000)
- वर्ष 2: ₹6,600/kWh (अधिकतम ₹20,000)
- वर्ष 3: ₹3,300/kWh (अधिकतम ₹10,000)
इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-ऑटो)
- वर्ष 1: ₹50,000
- वर्ष 2: ₹40,000
- वर्ष 3: ₹30,000
इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल (N1 कैटेगरी)
- वर्ष 1: ₹1,00,000
- वर्ष 2: ₹75,000
- वर्ष 3: ₹50,000
स्क्रैपिंग इंसेंटिव
- टू-व्हीलर: ₹10,000
- थ्री-व्हीलर: ₹25,000
- कार (₹30 लाख तक): ₹1,00,000
- गुड्स व्हीकल: ₹50,000
टैक्स बेनिफिट
- सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% छूट दी जाएगी।
- ₹30 लाख तक की कारों पर पूरी छूट लागू होगी।
- ₹30 लाख से अधिक कीमत वाली कारों पर यह छूट लागू नहीं होगी।