दिल्ली रविवार शाम उस समय वैश्विक कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनी, जब यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन राजधानी पहुंचे। शाम करीब पांच बजे उनके आगमन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह पहला अवसर है जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष प्रतिनिधि एक साथ भारत के राष्ट्रीय पर्व में शिरकत कर रहे हैं।

एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री ने किया स्वागत
दिल्ली हवाई अड्डे पर वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने दोनों गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। गौरतलब है कि वर्ष 1950 से भारत गणतंत्र दिवस पर किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करता आ रहा है। यह परंपरा भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा को दर्शाती है। शीत युद्ध के दौर में गुटनिरपेक्ष देशों के नेताओं को आमंत्रित किया जाता रहा, जबकि हाल के वर्षों में रणनीतिक साझेदार देशों के प्रमुख इस सम्मान के पात्र बने हैं।

27 जनवरी को होगी भारत–यूरोपीय संघ वार्ता
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद 27 जनवरी को भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान व्यापार, निवेश, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। यह दौरा दोनों पक्षों के बीच साझेदारी को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।