पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़े तनाव के चलते हालात चिंताजनक बने हुए थे। इसी बीच ओमान के मस्कट में फंसे भारतीय नागरिक मंगलवार को भारत लौट आए। भारतीय धरती पर कदम रखते ही उन्होंने राहत की सांस ली और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।
क्यों बने ऐसे हालात?
खबरों के अनुसार, इस्राइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। ईरान ने उन देशों पर मिसाइल हमले किए जहां अमेरिका के सैन्य ठिकाने मौजूद थे, जिनमें दुबई, बहरीन और कुवैत शामिल हैं। इस वजह से वहां आम लोगों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया।
यात्रियों ने सुनाई आपबीती
मस्कट से दिल्ली लौटीं यात्री अनीशा अग्रवाल ने बताया कि "मिसाइलों को हवा में रोकने की आवाज से हम डर गए और बच्चों के कारण भारत लौटने का फैसला किया। सरकार ने स्थिति संभालने में बहुत अच्छा काम किया।"
एक अन्य यात्री ने कहा कि "हम वहां पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे। मिसाइल रोकने वाली प्रणाली ठीक काम कर रही थी, लेकिन बच्चों के कारण लौटना ही बेहतर लगा। अब भारत में आकर सब ठीक लग रहा है।"
यात्री आदिल ने बताया कि "अनिश्चित माहौल और उड़ानों के रद्द होने से हमें अपनी फ्लाइट छूटने का डर था। भारतीय दूतावास की मदद से सुरक्षित भारत लौट आया हूं। अब हवाई सेवाएं शुरू होने से यात्रा आसान हो गई है।"
हवाई उड़ानें फिर से शुरू
ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण कुछ दिनों तक हवाई अड्डों का संचालन बंद रहा, जिससे यूएई में हजारों भारतीय फंस गए। अब दुबई और अबू धाबी से उड़ानें फिर से संचालित हो रही हैं। सोमवार रात को दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के हवाई अड्डों पर विमान उतरे।
दुबई हवाई अड्डे ने भी परिचालन आंशिक रूप से शुरू होने की पुष्टि की है और यात्रियों को सलाह दी है कि वे उड़ान की पुष्टि के बाद ही हवाई अड्डे पर आएं। उड़ानों के संचालन से फंसे यात्रियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिली है।