नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए उपराज्यपाल ने तैयारियों की समीक्षा की है और सभी संबंधित विभागों को अगले एक सप्ताह के भीतर हीट एक्शन प्लान को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिल्ली में हीटवेव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान पाया गया कि हीट एक्शन प्लान 2026 के तहत तय कई उपाय अभी तक जमीन पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पाए हैं।
सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्गों पर
बैठक में यह भी सामने आया कि भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर बाहर काम करने वाले श्रमिकों, गरीब तबके, बेसहारा पशुओं और पक्षियों पर पड़ रहा है। इनकी सुरक्षा और राहत के लिए अभी तक पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं दिखी हैं।
जिला प्रशासन को जिम्मेदारी
उपराज्यपाल ने जिला मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में समन्वय के साथ काम किया जाए और संवेदनशील वर्गों—जैसे महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मजदूर—की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर छाया, पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करेंगे। हीटवेव से बचाव के लिए पानी की उपलब्धता, शीतल आश्रय, जागरूकता अभियान और मेडिकल सहायता जैसी व्यवस्थाओं को तेजी से लागू किया जाएगा।
पशु-पक्षियों के लिए भी निर्देश
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि गर्मी से सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में उनके लिए भी पानी और राहत की उचित व्यवस्था करना जरूरी है।
सख्त निगरानी के निर्देश
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार पूरे हीट एक्शन प्लान की लगातार निगरानी करेगी ताकि तैयारियों को समय रहते जमीन पर उतारा जा सके।