नई दिल्ली। जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में पढ़ाई, परीक्षाओं और रिजल्ट में लगातार हो रही देरी से नाराज मेडिकल छात्रों ने शुक्रवार को कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय और संबंधित कॉलेज के बीच चल रहे आंतरिक प्रशासनिक विवाद का सीधे असर उन पर पड़ रहा है।

इस विवाद के चलते एमबीबीएस और पीजी की सीटें बंद कर दी गई हैं, परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो रही हैं और रिजल्ट भी घोषित नहीं किए जा रहे। इससे पासआउट छात्रों की डिग्री अटकी हुई हैं और उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है।

छात्र संघ अध्यक्ष लक्ष्य शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि छात्रों का उद्देश्य किसी राजनीतिक टकराव में फंसना नहीं है, बल्कि सिर्फ अपना भविष्य सुरक्षित करना है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित परीक्षाएं और रिजल्ट तुरंत जारी किए जाएं, पासआउट छात्रों को डिग्री तुरंत दी जाए, बंद की गई सीटें फिर से खोली जाएं और छात्रों की पढ़ाई तथा क्लिनिकल ट्रेनिंग में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक झगड़े में छात्रों को मोहरा बनाया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।

प्रशासन ने दिया आश्वासन, धरना अस्थायी रूप से स्थगित

छात्रों के प्रदर्शन से चिंतित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और प्रोफेसर छात्रों से मिले और भरोसा दिलाया कि उनके हितों को नुकसान नहीं होगा। इस आश्वासन के बाद छात्रों ने धरना अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया। हालांकि, लक्ष्य शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें तय समय में पूरी नहीं हुईं, तो छात्र फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

कुलाधिपति से मुलाकात नहीं, सोशल मीडिया पर आक्रोश

प्रदर्शन के दौरान छात्रों को कुलाधिपति से मिलने का मौका नहीं मिला, जिससे इंटरनेट मीडिया पर नाराजगी फैल गई। छात्र #SaveHIMS जैसे हैशटैग के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं। जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।