नई दिल्ली। सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लातूर का रहने वाला है और पुणे में केमिस्ट्री का शिक्षक बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था, जिससे उसे प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिलने की आशंका जताई जा रही है।

सीबीआई का आरोप है कि कुलकर्णी ने पुणे में संचालित अपने कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों को लीक हुए प्रश्न और उनके संभावित उत्तर उपलब्ध कराए। जांच के दौरान देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। अब तक इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और एजेंसी पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

कोचिंग और मॉक टेस्ट से जुड़े नए खुलासे

जांच के दौरान महाराष्ट्र के लातूर में भी मामला और गहराता दिखा है, जिसे कोचिंग हब माना जाता है। यहां एक अभिभावक की शिकायत के बाद आरोप सामने आया कि एक निजी कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट के कई प्रश्न वास्तविक NEET परीक्षा से मेल खाते थे। दावा है कि करीब 42 प्रश्न समान पाए गए।

इसके बाद सीबीआई ने लातूर में एक कॉलेज के रिटायर्ड शिक्षक को हिरासत में लिया है, हालांकि उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे पहले स्थानीय पुलिस इस मामले में कोचिंग स्टाफ, काउंसलर और छात्रों से पूछताछ कर चुकी है।

परीक्षा प्रक्रिया और आगे की तैयारी

इस पूरे विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा की घोषणा कर दी है। अब यह परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर में आयोजित की जाएगी। इससे पहले यह परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था।

पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे थे, जिसके चलते इसकी जांच सीबीआई को सौंपी गई। राजस्थान पुलिस की एसओजी ने भी दावा किया था कि परीक्षा से पहले वायरल हुए “गेस पेपर” के कई सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं।

एनटीए ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से दूर रहें।