बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में कमजोर वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया है। मंगलवार को पार्टी के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को अलग आरक्षण न मिलने से उनके विकास की संभावनाएं सीमित रह जाएंगी। मायावती ने केंद्र सरकार से इस मसले पर गंभीर ध्यान देने का अनुरोध किया।

बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी मौजूद रहे। उन्होंने राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों से आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सरकार की उदासीनता से त्रस्त जनता के प्रति पार्टी की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और मेहनत से निभाई जाए। उन्होंने खासकर यूपी जैसे पिछड़े राज्यों में रोटी-रोजी और रोजगार की समस्या पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

महंगाई और युद्ध का असर आम जनता पर

मायावती ने कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध के चलते रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। इससे गरीब और मेहनतकश समाज पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि देश को नोटबंदी और कोरोना महामारी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

आंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम

उन्होंने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती को लखनऊ में मिशनरी भावना के साथ मनाने का निर्देश दिया। सभी 18 मंडलों के पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को अंबेडकर स्मारक में शामिल होने का आह्वान किया। नोएडा में स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पर मरम्मत का काम जारी होने के कारण मुख्य कार्यक्रम राजधानी में आयोजित होगा।

साफ-सुथरी राजनीति और प्रत्याशियों का चयन

यूपी चुनाव की तैयारियों को लेकर मायावती ने कहा कि पार्टी किसी भी आपराधिक तत्व को प्रश्रय नहीं देगी। साथ ही, बसपा की कथनी और करनी में सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की विशिष्ट पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्याशियों का चयन करते समय सभी समाजों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।