- केंद्र के 3 अध्यादेशों के विरोध में किसानों का चक्का जाम, कई नेता धरने पर पहुंचे
- दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर सुचारु रहा यातायात, 17 संगठनों ने जताया विरोध
केंद्र के 3 अध्यादेशों के विरोध में चल रहा किसानों का आंदोलन जोर पकड़ रहा है। रविवार को प्रदेश के 16 जिलों में किसानों ने हाईवे-नेशनल हाईवे समेत 65 सड़कों को 3 घंटे तक जाम लगाया। वहीं, 6 जिलों में विरोध-प्रदर्शन कर सरकार के पुतले फूंके। भाकियू समेत 17 संगठनों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। हालांकि हरियाणा की लाइफ लाइन दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात सुचारु रहा।
रोहतक, पंचकूला, अम्बाला, नारायणगढ़ में कई नेता किसानों के धरने पर पहुंचे, लेकिन उन्हें संबोधित नहीं करने दिया। एंबुलेंस और जरूरी सेवाएं वाले वाहनों को भी नहीं रोका गया। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुड़गांव, फरीदाबाद, मेवात, नूंह, पलवल में किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन जाम कहीं नहीं लगाया गया। पंचकूला में रिहोड़ के पास यमुनानगर हाईवे को जाम रखा।
चढ़ूनी बोले- अगला आंदोलन मरने या मारने का होगा
यमुनानगर में भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी अध्यादेश लेकर आई है, उनका विरोध जारी रहेगा। अगला आंदोलन अब ऐसा होगा या तो किसान मरेगा या फिर किसान मारेंगे। सरकार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट से लेकर सरकारी देश की संपत्ति बेच रही है। अब सरकार ने किसानों को बेचने का काम किया है, जो अध्यादेश आए हैं उसमें व्यापारी किसान को खरीदेंगे।
भूपेंद्र हुड्डा किसानों को कर रहे गुमराह: दुष्यंत
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र के कृषि अध्यादेशों में फसलों के एमएसपी को समाप्त करने की बात नहीं है। अनाज मंडियों में बिना किसी रुकावट के निर्धारित एमएसपी पर खरीदी जाएंगी। ज्यादा कीमत मिलने पर किसान चाहेंगे तो ओपन मार्केट में बेच सकेंगे। जिस दिन एमएसपी पर कोई आंच आएगी, उसी दिन वे पद छोड़ देंगे। दुष्यंत रविवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात कर रहे थे। डिप्टी सीएम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने राजनीतिक स्वार्थ की खातिर भोले-भाले किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस के बहकावे में आकर रास्ते जाम न करें: विज
गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि विपक्ष हमेशा अच्छे कामों में रोड़ा अटकाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि ये अध्यादेश किसानों की भलाई के लिए हैं। कांग्रेस ने भी अपने घोषणा पत्र में इसका जिक्र किया था। भाजपा किसानो के लिए ये बिल लेकर आई है तो कांग्रेस इसका स्वागत करने की बजाए, विरोध करते हुए किसानों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को कहा है कि वे विरोध कर सकते हैं। प्रजातंत्र में सबको इसका अधिकार है। उन्होंने किसानो से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से करें।
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- कुरुक्षेत्र: कुरुक्षेत्र-यमुनानगर रोड, कुरुक्षेत्र-पिहोवा रोड, अम्बाला-हिसार रोड, शाहाबाद से पंचकूला रोड, कुरुक्षेत्र-कैथल रोड पर तीन घंटे सड़कें जाम कर विरोध जताया।
- यमुनानगर: अम्बाला नेशनल हाइवे पर दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक जाम लगाया। इससे लिंक रोड से वाहन डाइवर्ट करने पड़े। बसें भी तीन-चार घंटे रूट पर नहीं चली।
- कैथल: कैथल में नेशनल हाइवे 152 पर जींद-कैथल रास्ता जाम किया। 3 घंटे यही पर धरना देकर रास्ता जाम रखा। यहां हजारों की संख्या में किसान, आढ़ती, मुनीम, राजनीतिक दलों के लोगों ने हिस्सा लिया। गांव कौल में किसानों ने करनाल-पटियाला मार्ग बाधित किया। पूंडरी में गुरु ब्रह्मानंद चौक पर कैथल-करनाल मार्ग ढाई घंटे जाम रखा।
- फतेहाबाद: हिसार-सिरसा रोड, टोहाना में हिसार रोड नेशनल हाइवे 148 बी पर गांव समैण व कन्हड़ी के पास तीन-तीन घंटे जाम रहा। भट्टूकलां में फतेहाबाद रोड, कुलां में टोहाना-रतिया रोड पर जाम लगा। जाखल में कडैल बैरियर के पास जाम लगाया।
- सिरसा: डबवाली-सिरसा से दिल्ली वाले नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। गांव जमाल में हरियाणा-राजस्थान की सड़क पर तीन घंटे तक जाम लगाया।
- चरखी दादरी: दादरी-लोहारू व तोशाम-महेंद्रगढ़ सड़क 3 घंटे तक मार्ग जाम लगाया।
- झज्जर: किसानों ने बेरी-बाघलपुरी मार्ग पर आधा घंटा जाम लगाया।
महम विधायक कुंडू 2 से भूख हड़ताल पर बैठेंगे
रोहतक में रविवार काे किसानों ने राेड जाम कर किया। किसानों ने गांव बहु-जमालपुर बाईपास, ब्राह्मणवास में जाम लगाया। इससे पहले रोहतक की अनाज मंडी में महम से विधायक बलराज कुंडू धरना स्थल पर पहुंचे। दोपहर एक बजे तक ट्रैक्टर ट्राली व अन्य साधनों से पहुंचे किसानों व उनके प्रतिनिधियों ने बहु-अकबरपुर बाइपास चौक पर जाम लगा दिया। यहां बलराज कुंडू ने कहा कि 11 दिन के अंदर सरकार कृषि संबंधी विधेयकों को वापस नहीं लिए तो वे 2 अक्टूबर से वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उनका आंदोलन अध्यादेश वापस लेने तक चलेगा। यहां शाम 3 बजे तक रोड जाम रहा। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
किसान विरोधी काले कानूनों का पास होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण: दीपेंद्र
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि किसानों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर, विपक्ष की आवाज को दबाते हुए बिना वोटिंग से राज्यसभा में किसान विरोधी काले कानूनों का पास होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कोरोना संक्रमित दीपेंद्र हुड्डा ने अस्पताल से वीडियो संदेश जारी कर विरोध जाहिर किया है। सांसद ने कहा कि उन्हें इस बात की टीस है कि वो संसद के पटल पर तर्कसंगत तरीके से अपनी बात सरकार के कानों तक नहीं पहुंचा सके। इसलिए वे सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। सांसद दीपेंद्र ने कहा कि हालांकि रविवार को भी उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, जिसकी वजह से वो संसद नहीं जा पाए। जल्द स्वस्थ होकर अस्पताल से सीधे संसद पहुंचेंगे और 2-3 दिन बाद जब तीसरे कानून पर चर्चा होगी तो अपनी बात रखेंगे। इन कानूनों से किसान के साथ आढ़ती वर्ग को बड़ा नुकसान होगा.