सिरसा में महिला थाना ब्लास्ट जैसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस चौकियों और थानों की रेकी कर वीडियो दुबई में बैठे पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी को भेज रहे थे।

पुलिस जांच में पता चला कि ये संदिग्ध एक मीडिएटर के माध्यम से गैंगस्टर के संपर्क में थे और कथित विस्फोटक सामग्री की डिलीवरी का इंतजार कर रहे थे, जिसकी संभावना 30 मार्च को थी। शुक्रवार रात पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार राजबीर उर्फ राजीव उर्फ डीसी, उनके जीजा और एक नाबालिग को पकड़ा।

राजबीर के मोबाइल से सिरसा की हुडा पुलिस चौकी और सिविल लाइन थाना की रेकी के वीडियो बरामद हुए। इसके बाद हांसी निवासी रोहित उर्फ काकू को भी गिरफ्तार किया गया। रोहित के खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह एक हिस्ट्रीशीटर है। पूछताछ में रोहित ने बताया कि उन्होंने मिलकर कुछ दिन पहले रेकी कर वीडियो तैयार किए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि संदिग्धों और गैंगस्टर के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस के पास मौजूद है। वीडियो में रोहित कहते नजर आए, "तुमने कार्रवाई नहीं की, इसलिए अब हम तुम्हें सबक सिखाएंगे।"

पुलिस ने रातभर विशेष सर्च अभियान चलाया। सैक्टर-19 स्थित फ्लैटों में रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक तलाशी ली गई। संदिग्धों के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी पुलिस ने कब्जे में ली। नाबालिग के पिता और मां ने बताया कि उनका बेटा नगर परिषद में सफाई कर्मचारी है और पुलिस के पास पूछताछ के लिए छोड़ दिया गया।

संदिग्ध विकास को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को उसके घर का दरवाजा तोड़कर प्रवेश करना पड़ा। उसके नाबालिग भाईयों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में सिरसा के महिला थाने पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने ली थी। उस घटना के बाद कई आरोपित गिरफ्तार किए गए थे और जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सौंप दी गई थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।