हरियाणा के रोहतक जिले के पैतृक गांव ककराना में भारतीय वायुसेना के शहीद स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक मौके पर गांव के लोग और आस-पास के निवासियों ने शहीद पायलट को अंतिम श्रद्धांजलि दी।

अनुज शर्मा असम के कार्बी आंगलोंग जिले में सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमान दुर्घटना में शहीद हुए थे। इस हादसे में उनके साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर भी शहीद हुए। घटना एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुई, जिसमें दोनों पायलटों ने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।

हरियाणा सरकार की ओर से सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने अंतिम संस्कार में भाग लिया। उन्होंने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं।

डॉ. शर्मा ने कहा कि अनुज शर्मा का बलिदान हमेशा देश की सुरक्षा के लिए याद रखा जाएगा। उन्होंने शहीद के परिवार को ढाढ़स बंधाया और कहा कि उनकी कमी केवल परिवार को ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र को महसूस होगी।

शहीद अनुज शर्मा का जन्म 9 अगस्त 1993 को ककराना में हुआ था। बाद में उनका परिवार गुरुग्राम शिफ्ट हो गया, जहाँ उनकी शिक्षा हुई। उन्होंने करीब दस वर्षों तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी और बहादुर पायलट के रूप में पहचाने जाते थे। उनकी शहादत की खबर ने हरियाणा और देश में गहरा शोक पैदा किया।

परिवार और स्थानीय लोग शहीद के बलिदान को याद करते हुए कह रहे थे कि उनका योगदान देश की सुरक्षा और एकता की नींव है।