हरियाणा की मंडियों में रबी फसलों की खरीद के दौरान किसानों को फसल सत्यापन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने पंचकूला सेक्टर-6 स्थित अपने मुख्यालय में कंट्रोल रूम चालू किया है। किसान इस कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 18001802060 पर कॉल करके मार्गदर्शन ले सकते हैं।

कॉल ट्रेंड और समस्याएं:
1 अप्रैल से मंगलवार तक कंट्रोल रूम पर कुल 842 कॉल प्राप्त हुई हैं। इनमें से करीब 70% कॉल फसल उत्पादन सत्यापन से संबंधित थीं। प्रदेश की 416 मंडियों में गेहूं और 112 मंडियों में सरसों की खरीद जारी है। कंट्रोल रूम में 10 कर्मचारी तैनात हैं और यह सेवा सोमवार से शनिवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपलब्ध है। किसान गेटपास बनवाने से पहले आने वाली दिक्कतों के समाधान के लिए इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं।

सत्यापन में मुख्य समस्याएं:
किसानों की सबसे बड़ी परेशानी “मेरी फसल-मेरा ब्योरा” पोर्टल पर दर्ज उत्पादन और वास्तविक क्षेत्रफल के बीच अंतर को लेकर सामने आ रही है। उदाहरण के लिए, रोहतक के एक किसान की 7 एकड़ फसल दर्ज होने के बावजूद सिस्टम में केवल 1.5 एकड़ दिख रहा है। झज्जर के एक किसान को 30 एकड़ से अधिक फसल का सत्यापन कराने में दिक्कत आई। विभाग ने स्पष्ट किया कि 30 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए सत्यापन एसडीएम स्तर पर होता है, जबकि कम क्षेत्र की फसल का सत्यापन पटवारी और राजस्व विभाग की टीम ई-गिरदावरी के माध्यम से करती है।

तीन तरह के सत्यापन में अंतर से आ रही अड़चन:
“मेरी फसल-मेरा ब्योरा” पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले किसानों की फसलों का तीन तरह से सत्यापन किया जाता है – कृषि विभाग की टीम, राजस्व विभाग और हरसेक के माध्यम से। यदि इनमें से कोई दो सत्यापन एक जैसे होते हैं, तो गेटपास में कोई समस्या नहीं आती। लेकिन अगर तीनों अलग-अलग पाते हैं तो गेटपास दोबारा जांच के बाद ही जारी होता है। कंट्रोल रूम पर किसान इन समस्याओं के समाधान के लिए लगातार मार्गदर्शन ले रहे हैं।

कॉल सुविधा का समय:
किसान सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक टोल फ्री नंबर 18001802060 पर कॉल कर सकते हैं।