पानीपत के सेक्टर-29 थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में मंगलवार को एक नाबालिग की शादी की सूचना मिली। लड़की की शादी के लिए बरात ले जाई जा रही थी, जिसे देखकर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की और लड़के दोनों ही नाबालिग हैं। परिजनों ने शादी रोकने का विरोध करते हुए कहा कि वे डीएसपी के परिचित हैं और शादी रुक नहीं सकती।

सूचना मिलने के बाद महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी (POCSO अधिकारी) रजनी गुप्ता मौके पर पहुंचीं और बाल विवाह को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों को बुधवार को जेएमआईसी कोर्ट, हिमानी गिल के समक्ष पेश किया गया।

लड़की, जो बुधवार को 12वीं कक्षा की परीक्षा देने गई थी, कार्यालय में उपस्थित हुई। कोर्ट ने तुरंत शादी पर रोक लगा दी और दोनों पक्षों से लिखित आश्वासन लिया कि लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 साल से पहले शादी नहीं होगी।

रजनी गुप्ता ने बताया कि लड़की और लड़के के दस्तावेजों की जांच की गई। लड़के का जन्म 5 जनवरी 2006 और लड़की का 17 अगस्त 2007 को हुआ था। छोटे लड़के की उम्र भी 18 साल से कम थी। लड़की पक्ष ने बताया कि उनके परिवार की पिछली दो बेटियों की जल्दी शादी हो गई थी, जिससे डर के कारण उन्होंने अपनी बेटी की शादी भी जल्द कराने का निर्णय लिया था।

अधिकारियों ने इस घटना को बाल विवाह रोकने और नाबालिग सुरक्षा सुनिश्चित करने का उदाहरण बताया और कहा कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।