चंडीगढ़। उत्तराखंड के पांवटा साहिब क्षेत्र में कई दिनों से चल रहा निहंगों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। यह समाधान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल और मध्यस्थता के बाद संभव हो सका।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और अपनी मांगों तथा विवाद की स्थिति से उन्हें अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत अपने राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को समाधान के लिए जिम्मेदारी सौंपी।
इसके बाद तरुण भंडारी ने उत्तराखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बातचीत कर दोनों पक्षों के बीच समन्वय स्थापित किया। लंबी चर्चा के बाद सभी पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलनरत निहंगों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
बताया जा रहा है कि यह विवाद पांवटा साहिब क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों और भूमि उपयोग से जुड़े प्रशासनिक फैसलों को लेकर उत्पन्न हुआ था। निहंग संगठन इन फैसलों का विरोध कर रहे थे, जिससे स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री सैनी ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी बना रहे और प्रशासनिक व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इसी प्रयास के तहत समाधान निकाला गया।
समझौते के बाद निहंग प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी का आभार भी व्यक्त किया।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक अन्य राज्य में उत्पन्न संवेदनशील विवाद के समाधान में हरियाणा सरकार की सक्रिय भूमिका सामने आई है, जिससे आपसी समन्वय का संदेश भी गया है।