ऊना, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के गगरेट विधानसभा क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चोरी की घटनाओं के बाद अब नकली नोटों और जेबकतरा गिरोह ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है।

नकली नोटों से ठगी, छोटे दुकानदारों के पैरों तले खिसकी जमीन

दियोली और नंगल जरियालां गांव में ठगों ने मेहनत-मजदूरी से रोजी कमाने वाले सब्जी विक्रेताओं को निशाना बनाया। दियोली गांव के विक्रेता अनिल कुमार के साथ हुई घटना में ग्राहक बने ठग ने 500 रुपये का नकली नोट देकर सब्जी खरीदी और आराम से फरार हो गया।

सप्लायर को भुगतान के दौरान नोट दिखा तो उसे नकली घोषित कर दिया। लगभग एक किलोमीटर दूर नंगल जरियालां में ओम प्रकाश के साथ भी यही खेल हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों नोटों के सीरियल नंबर एक जैसे पाए गए।

यह स्पष्ट संकेत है कि क्षेत्र में संगठित गिरोह सक्रिय है जो जानबूझकर छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहा है। स्थानीय लोग चिंता जताते हैं कि अगर पुलिस कार्रवाई तेज नहीं हुई तो गिरोह के हौसले और बुलंद होंगे।

पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने बताया कि स्थानीय पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं और आरोपियों की तलाश जारी है।

चिंतपूर्णी में जेबकतरा गिरोह का पर्दाफाश

धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी में नवरात्र के दौरान जेबकटौती की शिकायतें बढ़ी। सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाई और बाहरी राज्यों की तीन महिलाओं को संदिग्ध गतिविधियों के बाद गिरफ्तार किया।

होमगार्ड के पीसी पूर्ण सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। संदिग्ध महिलाओं के पास से एक श्रद्धालु के करीब 10,000 रुपये बरामद किए गए, जिन्हें बाद में श्रद्धालु को लौटा दिया गया।

जांच में यह भी पता चला कि इनके साथ आए कुछ बच्चे श्रद्धालुओं की चप्पल और अन्य सामान चुराते हुए पाए गए। दो अन्य महिला संदिग्ध मौके से फरार हो गईं।

पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ ने कहा कि दोनों मामलों की गहन जांच जारी है और आरोपियों को जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।