अयोध्या में अफवाहों के बीच पेट्रोल और डीजल की कमी अब सड़कों पर साफ दिखने लगी है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर “ईंधन खत्म” के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं, जबकि जहाँ आपूर्ति हो रही है वहाँ भी प्रति ग्राहक केवल 100 रुपये तक ही ईंधन देने की सीमा तय की गई है। ऑनलाइन भुगतान सेवा ठप होने के कारण उपभोक्ताओं को केवल नकद में ही ईंधन मिल रहा है, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

लोग गैस सिलिंडर के साथ लाइन में खड़े

स्थिति ऐसी है कि लोग गैस सिलिंडर लेने के बाद पेट्रोल के लिए भी लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। बुधवार सुबह 5 बजे से शहर के पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। कई घंटों इंतजार के बाद भी पेट्रोल न मिलने से लोग खाली हाथ लौट गए। कुछ स्थानों पर सुबह आठ बजे के बाद ही आपूर्ति शुरू हो पाई।

उदाहरण के लिए:

  • देवकाली बाईपास स्थित पेट्रोल पंप पर एक महिला गैस सिलिंडर के साथ ही लाइन में खड़ी रही।
  • महोबारा ओवरब्रिज के पास पंप पर डीजल खत्म होने का नोटिस लगा था।
  • अयोध्याधाम के बस स्टैंड के पास जय सर्विस स्टेशन पर पेट्रोल और डीजल दोनों खत्म हो चुके थे।

कालाबाजारी से बढ़ी मुश्किलें

संकट के बीच ब्लैक मार्केटिंग भी तेज हो गई है। शहर में पेट्रोल 200 रुपये प्रति लीटर तक ब्लैक में बिकने की शिकायतें मिल रही हैं। गुरुनानक कॉलोनी निवासी अमर बहादुर ने बताया कि मंगलवार रात को उन्हें 200 रुपये में सिर्फ एक लीटर पेट्रोल मिला। बुधवार सुबह छह बजे से कई पंपों पर चक्कर लगाने के बाद भी ईंधन नहीं मिला।

दर्शन नगर स्थित अवध स्कूल के सामने पेट्रोल पंप पर पहुंचे नीरज कुमार ने कहा, “सुबह छह बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन आठ बजे तक पेट्रोल नहीं मिला। मजबूरी में खाली हाथ लौटना पड़ा।”

ग्रामीण इलाकों में हालात और खराब

शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात गंभीर हैं। कई गांवों के पेट्रोल पंप पूरी तरह सूख चुके हैं। इससे खेती-किसानी और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

पुलिस ने संभाली स्थिति

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को रातभर गश्त करनी पड़ी। कई संवेदनशील पंपों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस की निगरानी में लोगों को लाइन में लगाया गया। इसके बावजूद कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी हुईं।

अफवाहों ने बढ़ाई मांग

रसोई गैस के बाद पेट्रोल-डीजल को लेकर फैल रही अफवाहों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। शहर और ग्रामीण इलाकों में देर रात से ही लंबी कतारें लगी हैं। लोग जरूरत से अधिक ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे भीड़ लगातार बढ़ रही है।

लंबी कतारों के बीच किसानों और आम जनता की परेशानी

बीकापुर और आसपास के क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीणों की भीड़ सुबह से ही पेट्रोल और डीजल लेने के लिए पंपों पर उमड़ रही है। सरसों और गेहूं की मड़ाई, खेत जोताई और अन्य कृषि कार्यों के लिए डीजल की जरूरत है।
जलालपुर माफी में प्रयागराज हाईवे किनारे पेट्रोल पंप पर भी सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ लगी रही। इसके अलावा डेहरियावा, शेरपुर पारा, कोदैला और तेंदुआ माफी में भी पेट्रोल-डीजल लेने के लिए लोग लाइन में खड़े हैं।