शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अपने हालिया पोस्ट में उन्होंने मंडी में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ बाहरी राज्यों के वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी हिमाचल में “हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं”। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के हितों से किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल में सेवा देने वाले अधिकारियों का स्वागत है, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि उनका कार्य केवल प्रदेशवासियों की सेवा करना है, शासक बनने का प्रयास नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा, “हिमाचल के हित हमारे लिए सर्वोपरि हैं। हमारी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। यह मामला केवल प्रदेशवासियों के हित का है।”
बाहरी अधिकारियों के खिलाफ कोई समझौता नहीं
मंत्री ने कहा कि कई मामलों में बाहरी अधिकारियों द्वारा हिमाचल के संसाधनों और धन का गलत इस्तेमाल देखा गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और उप मुख्यमंत्री भी इस विषय को उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, “चाहे केंद्र से आए धन का उपयोग हो या राज्य के संसाधनों का, यह केवल हिमाचल के लोगों का है। किसी अधिकारी को इन पर अधिकार नहीं है। किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।”
सिंह ने यह भी बताया कि सचिवालय के आसपास सीएम और सीएस कार्यालय के निर्माण में हुई गड़बड़ियों की रिपोर्ट मिल चुकी है और इसका निरीक्षण किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट में उठाए गए मुद्दे
विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी अधिकारियों को हिमाचली अधिकारियों से सीख लेने की जरूरत है। उनका कहना था, “जब तक आप हिमाचल में हैं, हिमाचल के लोगों की सेवा कीजिए। शासक बनने की भूल न करें। प्रदेश के हित से समझौता किसी भी हालत में नहीं होगा।”
इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई। कुछ इसे हिमाचल के हितों की रक्षा के रूप में देख रहे हैं, तो कई इसे प्रशासनिक स्तर पर क्षेत्रीय विभाजन पैदा करने वाला बयान मान रहे हैं। पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की संख्या बढ़ रही है। पोस्ट के अंत में मंत्री ने “जय श्रीराम” और “जय हिंद” भी लिखा।