चंडी (नालंदा)। गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे चंडी थाना क्षेत्र के गौढ़ा के पास चंडी-सरमेरा एसएच-78 मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज के चार छात्रों की मौत हो गई और दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी छात्र इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) तृतीय सेमेस्टर के थे और उनकी उम्र 24-25 साल के बीच बताई जा रही है।
मृतकों और घायल छात्रों की पहचान
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मृतक छात्र:
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राहुल रंजन (पिता: अखिलेश सिंह, ढेना गांव, थाना आजमनगर, कटिहार)
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आशीष कुमार (पिता: संजय कुमार, सोलाहपुर, थाना इस्लामनगर, जमुई)
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उत्सव कुमार (पिता: राजीव कुमार सिंह, शंभू पट्टी, थाना मुफस्सिल, समस्तीपुर)
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गंभीर रूप से घायल छात्र:
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धीरज कश्यप (पिता: परमानंद सिंह, इस्माइलपुर, थाना खिजरसराय, गया)
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शशिकांत कुमार (पिता: प्रमोद राय, भलूनी, थाना करगहर, रोहतास)
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दोनों घायलों को पीएमसीएच रेफर किया गया है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
छात्र काले रंग की कार में सवार थे। तेज रफ्तार में मवेशी को बचाने के प्रयास के दौरान कार अनियंत्रित होकर पलटी और लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई, जिसमें करीब दो फीट पानी था।
ग्रामीणों ने धमाके जैसी आवाज सुनकर मौके पर पहुंचकर छात्रों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन रास्ते में उत्सव कुमार की मौत हो गई।
घटना स्थल पर सड़क पर टायर घिसटने के निशान मिले, जिससे अंदेशा है कि चालक ने अचानक ब्रेक लगाया और नियंत्रण खो दिया। पुलिस टायर फटने की संभावना भी जाँच रही है।
जांच और कार की स्थिति
थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि हादसे की जानकारी कॉलेज प्रशासन और परिवार वालों को दे दी गई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार 15 अप्रैल 2021 को खरीदी गई थी और इसका पंजीकरण पटना जिले के फुलवारीशरीफ निवासी मो. अरशद के नाम था। मो. अरशद ने बताया कि उन्होंने कार एजेंसी को बेच दी थी, लेकिन एजेंसी ने आगे इसे किसे बेचा, यह पता नहीं है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गया का धीरज कश्यप बुधवार को कार खरीदकर लाया था, लेकिन चालक कौन था और उसके पास वैध लाइसेंस था या नहीं, इसकी जांच अभी चल रही है।
यात्रा की संभावना
प्रारंभिक अनुमान है कि छात्र चैती नवरात्र के पहले दिन मंदिर दर्शन करके लौट रहे थे, क्योंकि कार में पूजन सामग्री मिली है। हालांकि, यह अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। घायल छात्रों के होश में आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।