गोरखपुर के खोराबार थाना क्षेत्र के रानीडीहा इलाके में पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद रविवार रात अचानक बड़ा हंगामा बन गया। एक ओर कार सवार डॉक्टर और दूसरी ओर डिलीवरी बॉय के बीच हुई कहासुनी पहले झगड़े में बदली और फिर मामला थाने तक पहुंच गया, जहां स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
सड़क से थाने तक पहुंचा विवाद
जानकारी के अनुसार, रानीडीहा नहर के पास एक डिलीवरी कंपनी के कार्यालय के बाहर यह विवाद शुरू हुआ। पास ही एक दंत चिकित्सक का क्लिनिक भी स्थित है। आरोप है कि क्लिनिक के सामने कार खड़ी थी और उसके पीछे एक डिलीवरी बॉय ने बाइक पार्क कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
इसके बाद महिला डॉक्टर और उनके भाई डॉ. मनोज कुमार यादव थाने शिकायत लेकर पहुंचे। कुछ ही देर में 40 से 50 डिलीवरी बॉय भी अपनी बात रखने के लिए थाने पहुंच गए, जिससे माहौल और गर्म हो गया।
थाने में हंगामा और आरोप
थाने में पहुंचे कुछ डिलीवरी बॉय द्वारा वीडियो बनाए जाने और शोर-शराबा करने पर स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि पुलिस ने लाइट बंद कर थाने परिसर में डिलीवरी बॉय को दौड़ाकर लाठियों से पीटा। इस दौरान कई लोग घायल हो गए, जिनमें अजीत कुमार, राज, बृजेश और संदीप के नाम सामने आए हैं।
वहीं पुलिस ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।
केस दर्ज, गिरफ्तारियां और कार्रवाई
महिला डॉक्टर के भाई डॉ. मनोज कुमार यादव की तहरीर पर अरुण समेत 25 अज्ञात डिलीवरी बॉय के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अरुण, अमरनाथ और सूर्यजीत सहित छह लोगों का शांतिभंग में चालान किया है। साथ ही तीन बाइक जब्त की गई हैं और करीब 14 बाइक को लावारिस में दाखिल किया गया है।
वायरल वीडियो से बढ़ा मामला
घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें थाने के अंदर और बाहर हंगामे, बहस और धक्का-मुक्की के दृश्य देखे जा सकते हैं। एक वीडियो में थाने के अंदर लाइट बंद होने के बाद अफरा-तफरी और शोर सुनाई देता है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
करीब 1 मिनट से लेकर 4 मिनट से अधिक लंबे वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तनाव और बहस स्पष्ट दिखाई देती है। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में डिलीवरी बॉय अपने साथियों की रिहाई की मांग कर रहे थे।
पुलिस का पक्ष
थाना प्रभारी सुधांशु सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर विवाद हुआ था, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे और हंगामा करने लगे। उन्होंने थाने में पिटाई के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।
एसपी सिटी निमिष पाटील ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।