हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में बंद स्टोन क्रशर से कथित अवैध खनन के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हमीरपुर सदर से विधायक आशीष शर्मा के चाचा प्रवीण शर्मा और भाई उमेश शर्मा ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया। उन्हें गुरुवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

13 अगस्त की छापेमारी से शुरू हुआ था मामला

मामले की शुरुआत 13 अगस्त 2025 को हुई थी, जब एएसपी के नेतृत्व में सुजानपुर थाना पुलिस टीम ने पुंघ खड्ड क्षेत्र में स्थित एक बंद स्टोन क्रशर पर छापा मारा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से पत्थर, बजरी और कुछ मशीनरी जब्त की थी। इसके बाद इस मामले में विधायक के परिजनों समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया।

अग्रिम जमानत पर अलग-अलग फैसले

पुलिस कार्रवाई के बाद दो कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से 19 मार्च को अग्रिम जमानत मिल गई थी, जबकि प्रवीण शर्मा और उमेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी।

इसी क्रम में अब दोनों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है और आगे की जांच पुलिस रिमांड में जारी है।

पुलिस का बयान

राजेश कुमार, एएसपी हमीरपुर ने बताया कि अदालत से एक दिन की रिमांड मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

विधायक का बयान

इस मामले पर विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के दौरान उनके परिवार के सदस्यों से कई घंटों तक पूछताछ की गई है और यह मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और कई मामलों में पुलिस पर दबाव में कार्रवाई करने के आरोप लग रहे हैं।