जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को किश्तवाड़ में आयोजित एक बड़े नशा-विरोधी मार्च का नेतृत्व किया। इस पदयात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प दोहराया।

अभियान बन रहा जन आंदोलन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि पिछले 56 दिनों से चल रहा नशा-मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान अब 19 जिलों तक फैल चुका है और धीरे-धीरे एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ मजबूत जागरूकता और प्रतिरोध तैयार करना है।

नशा कारोबार पर सख्त कार्रवाई

उपराज्यपाल ने बताया कि प्रशासन ड्रग्स के अवैध कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रग तस्करों, सप्लायर्स और नशा-आतंक नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

युवाओं और समाज की भूमिका पर जोर

एलजी ने युवाओं को नशे से दूर रखने में समाज की भूमिका को अहम बताया। उन्होंने कहा कि परिवार और समुदाय को मिलकर युवाओं को सही दिशा देनी होगी। साथ ही उन्होंने महिलाओं से भी अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की अपील की, ताकि नशा-मुक्त समाज का लक्ष्य जल्द हासिल किया जा सके।