श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी और आंतरिक खींचतान को खत्म करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति श्रीनगर पहुंच गई है। समिति ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हमीद करा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी सहित कई वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर उनके पक्ष और शिकायतों को विस्तार से सुना।
प्रदेश कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। हाल ही में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल वानी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद करा और कुछ अन्य नेताओं पर तीखी टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
सूत्रों के अनुसार, इस विवाद में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद भी जुड़े बताए जा रहे हैं, जिन्होंने एक अलग गुट बनाकर संगठनात्मक गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए तारिक हमीद करा ने इसकी शिकायत पार्टी हाईकमान से की थी, जिसके बाद दोनों गुटों को दिल्ली तलब किया गया था।
स्थिति को देखते हुए कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया है, जिसमें डॉ. अमर सिंह और रफीक खान को सदस्य बनाया गया है।
श्रीनगर दौरे के दौरान समिति ने प्रदेश कांग्रेस प्रमुख तारिक हमीद करा, राष्ट्रीय महासचिव गुलाम अहमद मीर और विकार रसूल वानी समेत कई नेताओं से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि समिति ने सभी नेताओं से लिखित में भी अपना पक्ष देने को कहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, समिति जल्द ही अन्य प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात करेगी और संगठन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। कांग्रेस हाईकमान आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले संगठन में एकता कायम करने के प्रयास में जुटा है और गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाने के संकेत भी दिए जा रहे हैं।