जम्मू। जम्मू-कश्मीर की सीमाएं इस समय घने कोहरे और बर्फ से ढकी हैं। ऐसे मौसम के बीच आतंकियों के घुसपैठ के प्रयास जारी हैं, लेकिन ऑपरेशन “सर्द हवा”, घुसपैठ रोकने वाले जाल और सुरक्षाबलों की सतर्क निगरानी के चलते उनके मंसूबे विफल हो रहे हैं।
केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियां नियंत्रण रेखा पर हाईअलर्ट पर हैं। सेना ने अतिरिक्त तैनाती के साथ औचक नाके, तकनीकी निगरानी और खुफिया नेटवर्क को मजबूत कर रखा है। वहीं, सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अंतरराष्ट्रीय सीमा और अंदरूनी इलाकों की सुरक्षा के लिए विशेष ऑपरेशन शुरू किया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए उनके बीच दौरे किए और सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुल 69 लांचिंग पैड सक्रिय हैं, जिन पर लगभग डेढ़ सौ आतंकियों की मौजूदगी का अनुमान है। सेना और खुफिया एजेंसियां गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती को रोकने के लिए समन्वित अभियान चला रही हैं।
आर्मी कमांडर का दौरा और समीक्षा
उत्तर कश्मीर में सुरक्षा हालात का निरीक्षण करने आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय यूनिटों को खुफिया तंत्र को और मजबूत करने और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के निर्देश दिए। कठुआ जिले में आतंकियों की गतिविधियों की खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद सेना ने न केवल नियंत्रण रेखा बल्कि पारंपरिक घुसपैठ मार्गों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, आर्मी कमांडर जल्द राजौरी का भी दौरा करेंगे।
साथ ही, लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने गुलमर्ग स्थित हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में सैनिकों की प्रशिक्षण गतिविधियों और कश्मीर में आर्मी एविएशन स्क्वाड्रनों की तैयारियों की भी समीक्षा की।
आंतरिक सुरक्षा और तलाशी अभियान
सेना अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल आतंकियों पर दबाव बनाने के लिए रणनीति पर काम कर रहे हैं। सीमा पर घुसपैठ रोकने के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में आतंकियों और उनके सहयोगियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी हैं। आतंकियों और देशविरोधी तत्वों के बारे में हर खुफिया सूचना को साझा कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।