तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच सत्ताधारी डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इस विवाद को सुलझाने के लिए अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम मोर्चा संभाल चुके हैं।

मंगलवार को पी. चिदंबरम ने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन से चेन्नई में उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। इस बैठक में टीएनसीसी प्रमुख सेल्वापेरुन्थगई भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली इस चर्चा में दोनों पक्षों ने गठबंधन की रणनीति और सीट बंटवारे जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

सीटों को लेकर गतिरोध

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, दोनों दल गठबंधन को जारी रखना चाहते हैं, लेकिन सीटों की संख्या को लेकर असहमति बनी हुई है। प्रारंभ में कांग्रेस ने 39 सीटों की मांग की थी, जबकि डीएमके ने कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट का प्रस्ताव रखा। अब बातचीत इस सवाल पर अटकी है कि कांग्रेस को कुल कितनी सीटें मिलेंगी। सूत्रों का कहना है कि संभावना है कि कांग्रेस 28 विधानसभा सीटों और दो राज्यसभा सीटों के फार्मूले पर राजी हो सकती है।

डीएमके का रुख

डीएमके प्रवक्ता टी. के. एस. एलंगोवन ने वेल्लोर में मीडिया से बात करते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि गठबंधन जारी रहे। बातचीत अभी चल रही है और हमारे नेता इस मुद्दे का संतुलित और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेंगे। शाम तक इस मामले में अंतिम स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।”

इस बैठक में कांग्रेस आलाकमान ने सीधे पी. चिदंबरम को डीएमके से बात करने और समाधान निकालने की जिम्मेदारी सौंपी। इससे पहले, चिदंबरम और सेल्वापेरुन्थगई ने आंतरिक चर्चा की और फिर मुख्यमंत्री से मुलाकात की।

पिछले हफ्ते कांग्रेस की एक समिति, जिसका नेतृत्व तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडणकर कर रहे थे, ने डीएमके समिति से प्रारंभिक बातचीत की थी। इसके दौरान कांग्रेस ने अपनी सीटों की प्राथमिक मांग पेश की थी, लेकिन डीएमके का 25 सीटों का प्रारंभिक प्रस्ताव कांग्रेस को संतोषजनक नहीं लगा।