कई महीनों के सन्नाटे के बाद कश्मीर का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम एक बार फिर जीवंत नजर आने लगा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे पर्यटक यहां की हरी-भरी वादियों, सुहावने मौसम और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं। बाजारों में रौनक लौट आई है, होटल और गेस्ट हाउस भरने लगे हैं और सड़कों पर पर्यटकों की आवाजाही साफ दिखाई दे रही है।
यहां पहुंचे सैलानियों का कहना है कि यात्रा शुरू करते वक्त उनके मन में कुछ आशंकाएं थीं, लेकिन पहलगाम पहुंचने के बाद सभी शंकाएं दूर हो गईं। एक पर्यटक ने बताया कि वादी का माहौल बेहद सुकून देने वाला है और स्थानीय लोगों का व्यवहार उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करता है।
कई इलाकों में पर्यटक संगीत की धुनों पर झूमते और उत्साह के साथ समय बिताते दिखे। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। पहलगाम में लौटी यह चहल-पहल इस बात का संकेत है कि भरोसे और शांति के माहौल में यह वादी एक बार फिर सैलानियों की पसंदीदा जगह बन सकती है।
हालात सुधरने पर बढ़ेगा पर्यटन: डॉ. फारूक
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि जैसे-जैसे हालात सामान्य होते जाएंगे, घाटी में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि अगर अच्छी बर्फबारी होती है तो सर्दियों में भी बड़ी संख्या में सैलानी कश्मीर का रुख करेंगे।
बांग्लादेश में हालिया हिंसा पर टिप्पणी करते हुए डॉ. फारूक ने कहा कि वह एक अलग देश है और वहां शांति बहाल होना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बांग्लादेश में शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।