गिरिडीह जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बजटो-कुम्हरगड़िया गांव में शनिवार शाम फूड प्वाइजनिंग की गंभीर घटना सामने आई है। यहां गुपचुप (गोलगप्पे) खाने के बाद बच्चों समेत करीब चार दर्जन लोग बीमार पड़ गए। इस घटना में एक सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जिससे गांव में मातम पसर गया।
जानकारी के अनुसार, शुरुआत में बीमार लोगों का इलाज स्थानीय झोलाछाप चिकित्सकों से कराया गया, लेकिन रविवार तक स्थिति बिगड़ने पर सभी मरीजों को आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सात वर्षीय रंजन कुमार वर्मा उर्फ कान्हा को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों में कई बच्चे, महिलाएं और युवक शामिल हैं, जिनमें प्रिंस कुमार (9), सुजीत कुमार (16), रिंकी देवी (30), मधु वर्मा (17), बलराम प्रसाद वर्मा (35), कुमार बादल (12), जागृति कुमारी (13), हितेश कुमार (2), साक्षी कुमारी (6), मनीता कुमारी (13), दिवाकर प्रसाद वर्मा (12), संध्या कुमारी (6), रानी कुमारी (8), रिया कुमारी (11), रंजन कुमार (5) और रेखा देवी (27) शामिल हैं। कुछ मरीजों का इलाज निजी क्लीनिकों में भी चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त रामनिवास यादव, एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह सहित कई अधिकारी सदर अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार को पालमो क्षेत्र से एक व्यक्ति गांव में गुपचुप बेचने आया था। उसी से गोलगप्पे खाने के बाद बच्चे, महिलाएं और पुरुष सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने से दबाव बढ़ गया। स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त डॉक्टरों को बुलाने की कोशिश की गई, हालांकि पर्याप्त स्टाफ की कमी बनी रही। इस दौरान चिकित्सक अहसान उत तौहिद लगातार मरीजों के इलाज में जुटे रहे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।