धार स्थित भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के बाद नया मोड़ आ गया है। हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में भोजशाला को मंदिर माना है, जिसके बाद हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का अधिकार मिल गया है। इस फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात विशेष अनुमति याचिका (SLP) सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत इस मामले पर शुक्रवार को सुनवाई कर सकती है।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद शुक्रवार को धार भोजशाला में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। मंदिर पक्ष की ओर से सुबह महाआरती और विशेष पूजा आयोजित करने की योजना बनाई गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला पहुंचेंगे।
721 साल बाद बदला शुक्रवार का स्वरूप
बताया जा रहा है कि सदियों पुराने विवाद के बीच यह पहली बार होगा जब शुक्रवार के दिन भोजशाला परिसर में महाआरती और धार्मिक आयोजन होंगे। अब तक हर शुक्रवार मुस्लिम समुदाय यहां नमाज अदा करता रहा है, लेकिन इस बार परिसर में पूजा-पाठ और मां वाग्देवी के जयकारे गूंजने की तैयारी है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
संवेदनशील स्थिति को देखते हुए धार जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।