प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य में प्रशासनिक कार्यशैली को अधिक सादगीपूर्ण और संसाधन-संरक्षण आधारित बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उनके कारकेड में अब केवल आवश्यक और न्यूनतम वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक वाहन रैली या बड़े काफिले की अनुमति नहीं होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी आदेश तक उनके सभी आधिकारिक दौरों में सीमित वाहनों का ही उपयोग किया जाएगा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने दौरे और कार्यक्रमों में संसाधनों का संतुलित उपयोग करें और अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचें। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन में सादगी, अनुशासन और दक्षता को प्राथमिकता दी जाएगी।
सीएम ने यह भी कहा कि हाल ही में नियुक्त किए गए निगम और मंडल के पदाधिकारी भी अपने कार्यभार को सादगीपूर्ण तरीके से ग्रहण करेंगे, ताकि सरकारी कार्यक्रमों में दिखावे की प्रवृत्ति कम हो और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अंत में कहा कि राष्ट्रहित और जनहित सर्वोपरि हैं, और सभी को इस दिशा में सामूहिक रूप से योगदान देना चाहिए।