अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और दान सामग्री के कथित गायब होने के मामले की जांच अब और आगे बढ़ने जा रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने छह दिनों की प्रारंभिक पड़ताल पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद टीम एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर दान में मिले आभूषणों और भूमि खरीद से जुड़े विवादों की गहन जांच करेगी।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले को लेकर एसआईटी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ‘कागभुसुंडि’ नामक चांदी की मूर्ति के गायब होने की खबर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना एफआईआर के जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे दान चोरी के मामलों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि इस तरह की जांचें प्रभावी कार्रवाई से अधिक औपचारिक प्रक्रियाओं तक सीमित रह जाती हैं, जिससे वास्तविक सच्चाई सामने नहीं आ पाती।
दान की वस्तुओं के गायब होने के आरोप
मामले में अब तक कई श्रद्धालुओं और संगठनों ने दान में दी गई वस्तुओं के गायब होने के आरोप लगाए हैं। इनमें चांदी की ईंटें, रत्नजड़ित हार और चरण पादुका जैसी कीमती वस्तुएं शामिल हैं। हाल ही में एक महिला श्रद्धालु ने दावा किया कि उन्होंने चांदी का कागभुसुंडि ट्रस्ट को सौंपा था, लेकिन उसकी रसीद आज तक नहीं मिली और वस्तु का कोई रिकॉर्ड नहीं है।
इससे पहले भी विभिन्न संगठनों द्वारा बड़ी मात्रा में चांदी की ईंटें और अन्य दान सामग्री के गायब होने के आरोप लगाए जा चुके हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।
SIT जांच और पूछताछ जारी
15 जून से लखनऊ कमिश्नर के नेतृत्व में SIT ने जांच शुरू की थी। शुरुआती चरण में ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। बाद में कई अन्य जिम्मेदार लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ जिम्मेदार लोगों पर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं और ट्रस्ट के पुनर्गठन की भी सिफारिश की गई है। हालांकि, आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
आगे और बढ़ेगी जांच
जांच एजेंसी अब दान में मिली वस्तुओं, भूमि खरीद और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामलों की भी जांच करेगी। इसके लिए कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की तैयारी है।
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह जांच और व्यापक हो सकती है और कई नए पहलू सामने आने की संभावना है।