भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल जमीन लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे धार्मिक आस्था और बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन के सवाल भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व का विषय बताया है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद जमीन खरीदने का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने उज्जैन में करीब 168 एकड़ जमीन खरीदी, जिसमें से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में बताई जा रही है जहां भविष्य में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। पार्टी ने दावा किया कि यह क्षेत्र 2035 मास्टर प्लान से जुड़ा हुआ है और यहां विकास योजनाओं की जानकारी पहले से उपलब्ध थी।

श्वेतपत्र और पारदर्शिता की मांग

कांग्रेस ने मांग की है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीन खरीद से जुड़े सभी मामलों पर सरकार श्वेतपत्र जारी करे ताकि पूरी जानकारी सार्वजनिक हो सके। पार्टी का कहना है कि पारदर्शिता से ही सच्चाई सामने आएगी।

प्रधानमंत्री पर भी सवाल

पवन खेड़ा ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर चुप है और किसी भी तरह की कार्रवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती।

धार्मिक स्थलों को लेकर भी आरोप

कांग्रेस नेताओं ने उज्जैन और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इनसे जुड़े संसाधनों और योजनाओं में अनियमितताओं की आशंका है। पवन खेड़ा ने इसे आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

सिंहस्थ कुंभ और जमीन विवाद

कांग्रेस का कहना है कि सिंहस्थ कुंभ से जुड़े क्षेत्र में जमीन खरीद और विकास योजनाओं की टाइमलाइन पहले से ज्ञात थी, जिससे संभावित हितों के टकराव की स्थिति बनती है। पार्टी ने इस पर भी सवाल उठाए हैं।

जीतू पटवारी के सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री और भाजपा से कई सवाल किए हैं, जिनमें शामिल है कि क्या मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार द्वारा जमीन खरीदी गई, क्या ये जमीन विकास परियोजनाओं वाले क्षेत्रों में है और क्या सरकार पूरी जानकारी सार्वजनिक करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा पूछे गए सवालों का 30 घंटे बाद भी कोई जवाब नहीं मिला है, जिससे संदेह और बढ़ रहा है।

भाजपा पर आरोप

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है और जवाब देने से बच रही है। पार्टी नेताओं ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई है।