इंदौर: शहर में एमबीए की छात्रा की हत्या के मामले में आरोपी पीयूष से पुलिस पूछताछ कर रही है। आरोपी ने जांच के दौरान पुलिस को बताया कि घटना के समय वह नशे में था और पावर बढ़ाने वाली गोलियां भी खा चुका था।

घटना की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, आरोपी रूम में पहुंचने के बाद छात्रा के साथ विवाद में उलझ गया। उसने बताया कि छात्रा ने उसके शारीरिक संबंध बनाने के प्रयास को ठुकरा दिया, जिससे वह गुस्से में आ गया और हत्या कर दी।

हत्या के बाद की स्थिति

पीयूष ने छात्रा के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह पर कपड़ा रखकर गला घोंट दिया। हत्या के तुरंत बाद वह मौके से भागने के बजाय रूम में ही बैठा रहा। उसने शराब पी और शव के साथ गलत हरकतें की। बाद में उसने खिड़कियों और दरवाजों को बंद कर ताले लगा दिए और वहां से भाग गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि वह अपने मोबाइल की लोकेशन से पकड़े जाने से बचने के लिए रेलवे स्टेशन जाने से पहले नई सिम खरीदी। आरोपी ने ट्रेन से कटकर जान देने की भी योजना बनाई थी।

तांत्रिक क्रिया का खुलासा

जांच में यह बात सामने आई है कि पीयूष ने मुंबई में छात्रा की तस्वीर के सामने फूल और कुमकुम रखकर तंत्र क्रिया भी की थी। उसे विश्वास था कि इससे छात्रा की आत्मा उससे बात करेगी। आरोपी तीन दिन मुंबई में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में घूमता रहा और इस दौरान अपने परिजनों से भी संपर्क में था।

पुलिस को आरोपी का ठिकाना मुंबई में पता चला और अंधेरी पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर इंदौर लाया गया। गिरफ्तार होने के बाद आरोपी का सामना उसके परिजनों से भी कराया गया।

कानूनी स्थिति

पीयूष का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। कानूनी जानकारों के अनुसार, हत्या के साथ दुष्कर्म और हत्या के बाद की परिस्थितियों को कोर्ट में साबित किया गया, तो इसे "रेयर ऑफ़ द रेयर" मामले के रूप में देखा जा सकता है। ऐसे मामले में आरोपी को फांसी या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।