त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे अपने स्तर पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अदालत ने इसे गंभीर प्रकृति का मामला माना है।

जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को 25 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली शामिल होंगे।

मामले का शीर्षक और गंभीरता

यह मामला “एक युवती की ससुराल में हुई अप्राकृतिक मृत्यु के मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत अनियमितताओं” के रूप में दर्ज किया गया है, जिस पर अब शीर्ष अदालत विचार करेगी।

परिवार के गंभीर आरोप

त्विषा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि उनकी मौत के पीछे उनके पति और ससुराल पक्ष की भूमिका हो सकती है, जिनमें उनकी सास भी शामिल हैं। परिवार का कहना है कि जांच को प्रभावित करने और मामले की दिशा बदलने का प्रयास किया गया।

मृतका के पति समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रभावशाली कानूनी पृष्ठभूमि के कारण जांच प्रक्रिया पर असर डालने की कोशिश की गई।

सुप्रीम कोर्ट में जांच का दायरा

अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले में उठाए गए “संस्थागत पक्षपात” और “प्रक्रियागत खामियों” के आरोपों की जांच करेगा। अदालत यह भी देखेगी कि क्या जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ी है या नहीं।