महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना को लेकर न्यायिक जांच की मांग तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि इस हादसे को लेकर आम जनता के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं और यह स्पष्ट होना जरूरी है कि यह दुर्घटना थी या किसी साजिश का नतीजा। देशमुख ने इस मामले की जांच हाईकोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग की है।
गौरतलब है कि 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई थी।
देशमुख ने बताया कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने शुरुआत में कहा था कि लैंडिंग के समय दृश्यता कम थी और रनवे साफ नजर नहीं आ रहा था, लेकिन बाद में सामने आए वीडियो में विमान को हवा में असंतुलित होकर एक तरफ झुकते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद वह पलटकर जमीन पर गिर गया। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों ने दुर्घटना को लेकर संदेह और गहरा कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर इस संवेदनशील मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होती है तो सच्चाई सामने आ सकेगी और जनता के मन में उठ रहे सवालों का समाधान होगा। इसी वजह से उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भी छोटे चार्टर्ड विमानों में यात्रा करने से बचने की अपील की।
अनिल देशमुख ने कहा कि इस हादसे को लेकर केवल वे ही नहीं, बल्कि एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और विधायक अमोल मिटकरी जैसे कई नेता भी सवाल उठा चुके हैं। जिस तरह से दुर्घटना हुई, उससे विस्तृत और निष्पक्ष जांच की जरूरत साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि भले ही डीजीसीए अपनी जांच करेगा, लेकिन शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत की मांग के अनुसार इसकी निगरानी किसी हाईकोर्ट जज के हाथ में होनी चाहिए।
इसी दौरान देशमुख ने एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि एनसीपी (शरद पवार गुट) और अजित पवार के बीच कुल 14 बैठकें हो चुकी थीं। इन बैठकों में शशिकांत शिंदे, हर्षवर्धन पाटिल, राजेश टोपे, जितेंद्र आव्हाड, रोहित पवार, सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि एक बैठक जयंत पाटिल के घर रात 10 बजे शुरू हुई थी और तड़के 3 बजे तक चली थी। इसके अलावा सुप्रिया सुले, अजित पवार और सुनील तटकरे के बीच भी चर्चा हुई थी। देशमुख ने कहा कि फिलहाल शोक का समय है, इसलिए इन बैठकों के बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। शोक अवधि समाप्त होने के बाद पार्टी नेतृत्व पूरी जानकारी साझा करेगा।