देहरादून। देहरादून और ऋषिकेश में महिला और युवती की नृशंस हत्याओं ने राज्य की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों मामलों में पहले से खतरे के संकेत और शिकायतें मौजूद होने के बावजूद समय पर कार्रवाई न होना अब भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी दीपम सेठ को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद दो चौकी प्रभारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने के लिए सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। दोनों मामलों की निगरानी पुलिस मुख्यालय की एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है।
ऋषिकेश में हुए गोलीकांड में एम्स चौकी प्रभारी साहिल वशिष्ठ, जबकि देहरादून के मच्छी बाजार में हुई हत्या के मामले में खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को निलंबित किया गया है। इन दोनों घटनाओं में यह बात सामने आई है कि पीड़ितों ने पहले ही पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए।
मंगलवार को सरदार पटेल भवन में कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। सतर्कता विभाग को भी दोषी कर्मियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गुंजन हत्याकांड में एसआईटी गठित
मच्छी बाजार में गुंजन की हत्या के बाद एसएसपी अजय सिंह ने मामले की जांच के लिए एसपी सिटी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया है। नगर कोतवाली प्रभारी को विवेचना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम को वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर जल्द आरोप पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
गुंजन के भाई अंश ने पुलिस को बताया कि आरोपी आकाश पहले से शादीशुदा था, इसके बावजूद वह गुंजन पर विवाह का दबाव बना रहा था और उसे धमकियां दे रहा था। 31 जनवरी को गुंजन ने इस संबंध में पुलिस चौकी में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन आरोपी ने बाद में उस पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने अब अंश की शिकायत पर आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर आरोपी को सख्त सजा दिलाने की तैयारी की जा रही है।
हरिद्वार में भी कार्रवाई
हरिद्वार के भगवानपुर क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुई हिंसा और फायरिंग में लापरवाही पाए जाने पर चुड़ियाला चौकी के हल्का प्रभारी एसआई सूरत शर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच एसपी क्राइम हरिद्वार को सौंपी गई है।
कोर्ट में उबाल
गुंजन हत्याकांड के आरोपी आकाश को जब अदालत में पेश किया गया तो वकीलों का आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में उसे घेर लिया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप कर आरोपी को सुरक्षित भीतर ले जाना पड़ा। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि लगातार बढ़ते अपराध और पुलिस की सुस्ती ने जनता का भरोसा हिला दिया है, जिस पर अब शीर्ष स्तर से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।